श्रीरामपुर तालुका: नायगांव में गोदावरी नदी से युवक का शव बरामद — अवैध रेत उत्खनन विवाद से जुड़ा मामला

Pravin Kadam
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श्रीरामपुर, 12 जनवरी 2026 — श्रीरामपुर तालुका के नायगांव गांव में स्थित गोदावरी नदी के तट पर एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। इस ख़बर का प्रारंभिक पड़ताल यह संकेत देती है कि मामला रेत उत्खनन से जुड़े विवाद का नतीजा हो सकता है, जो पिछले कई दिनों से नदी के पास जारी था।

स्थानीय निवासियों और पुलिस अधिकारों के बयानों के अनुसार, अवैध रेत उत्खनन (illegal sand mining) को लेकर दो गुटों के बीच कई दिनों से विवाद चल रहा था। रेत उत्खनन को लेकर गुटों के बीच तनाव बढ़ने के बाद भारी शब्दबाज़ी, वाहनों की तोड़फोड़, स्थानीय स्तर पर झड़पें और गोलीबारी की घटनाएँ तक सामने आईं हैं — जिनके दौरान यह युवक नदी में गिर गया और उसकी मौत हो गई। आज उसके शव को गोदावरी नदी में तैरता हुआ पाया गया।

स्थानीय पुलिस तत्काल सूचना मिलने पर मौके पर पहुँची और शव को अपने कब्ज़े में लेकर पंचनामा तैयार किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं लगती, बल्कि अवैध रेत उत्खनन के लगातार बढ़ते विवाद और स्थानीय गुटबाज़ी की गंभीरता से जुड़ी हुई प्रतीत होती है। रेत उत्खनन की अनुमति, रेत के अवैध तस्करों के बीच व्यापार और स्थानीय हितों के टकराव ने पिछले समय में नायगांव एवं आसपास के इलाक़ों में तनाव को और बढ़ा दिया था।

अवैध रेत उत्खनन स्वयं एक बड़ा और जटिल समस्या है। गोदावरी नदी जैसे प्रमुख जलमार्गों में नियमों के बिना रेत का उत्खनन नदी के पर्यावरण और पारिस्थितिकी को भी भारी रूप से प्रभावित करता है, साथ ही स्थानीय समुदाय के जल स्रोतों पर दबाव बढ़ाता है और नदी के जलस्तर को असंतुलित करता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह की गतिविधियाँ आर्थिक लाभ के नाम पर नदी के तटों और जलधाराओं को दीर्घकालिक क्षति पहुंचाती हैं, और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को भी जोखिम में डालती हैं।

हालांकि अवैध रेत उत्खनन पर पहले भी पुलिस और प्रशासन द्वारा छापेमारी की गई है। पिछले साल श्रीरामपुर तालुका पुलिस ने गोदावरी नदी के तट पर अवैध वाळू के ढेर और उपकरणों को जब्त किया था, जिसकी कीमत लाखों रूपए बताई गई थी और मामला थाने में दर्ज किया गया था। इससे यह संकेत मिलता है कि यह क्षेत्र वर्षों से अवैध उत्खनन गतिविधियों का शिकार रहा है।

मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि घटना के सभी पहलुओं — अवैध रेत उत्खनन, रेत व्यापार को लेकर चल रहे स्थानीय विवाद, गोलीबारी के समय की परिस्थितियाँ और मृतक युवक के गिरने के कारण — को विस्तार से खंगाला जाए। शुरुआती बयान के मुताबिक मृतक युवक इस विवाद के समय नदी की ओर भागने या फिसलने की वजह से पानी में गिर गया था, लेकिन फॉरेंसिक टीम और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही अंतिम कारण बताएंगे।

घटना के बाद से नायगांव ग्राम में भय, तनाव और आशंका का माहौल है। स्थानीय लोग प्रभावित हैं और यहां तक कि कुछ लोग पुलिस से सख्त सुरक्षा व्यवस्था और न्याय की माँग कर रहे हैं। पुलिस ने क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की है और आसपास के इलाकों में निगरानी बढ़ाई है।

इस बीच प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारी संदिग्धों के पक्ष और विपक्षी गुटों से बयान भी दर्ज कर रहे हैं ताकि रेत उत्खनन विवाद के पीछे कौन-सी शक्तियाँ काम कर रही हैं, इसका पूरा खुलासा किया जा सके।

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