बारामती, पुणे (महाराष्ट्र) — महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार की बुधवार सुबह एक भीषण विमान दुर्घटना में मौत हो गई। यह हादसा सुबह करीब 8:45 बजे उस समय हुआ, जब उनका निजी चार्टर्ड विमान बारामती एयरपोर्ट पर उतरने की कोशिश कर रहा था। विमान में सवार सभी लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, प्रशासन ने इसकी पुष्टि की है।
- उड़ान से हादसे तक: मिनट-दर-मिनट टाइमलाइन
- विमान में कौन-कौन सवार था
- महाराष्ट्र की राजनीति को बड़ा झटका
- अजित पवार का परिवार — जीवन, रिश्ते और राजनीतिक विरासत
- राष्ट्रीय स्तर पर शोक
- जांच और राहत कार्य
- प्रमुख तथ्य एक नज़र में
- बारामती विमान हादसा: उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत सभी सवारों की मौत — विस्तृत अपडेट
- राजनीतिक तथा सामाजिक प्रतिक्रियाएँ
हादसे के तुरंत बाद विमान में आग लग गई और कुछ ही मिनटों में पूरा जेट जलकर खाक हो गया। रनवे से सटे खेतों में मलबा कई सौ मीटर तक फैल गया। काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दिया।
यह घटना महाराष्ट्र ही नहीं, बल्कि पूरे देश के राजनीतिक गलियारों में शोक और स्तब्धता का कारण बन गई है।
उड़ान से हादसे तक: मिनट-दर-मिनट टाइमलाइन
अधिकारियों के अनुसार:
- अजित पवार सुबह लगभग 8:10 बजे मुंबई से बारामती के लिए रवाना हुए थे।
- वे आज बारामती और आसपास के इलाकों में कई राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले थे।
- विमान जैसे ही बारामती एयरस्पेस में दाखिल हुआ, पायलट ने रनवे की ओर अप्रोच शुरू की।
- प्रारंभिक फ्लाइट डेटा से संकेत मिलता है कि विमान ने कम से कम दो बार लैंडिंग की कोशिश की।
- दूसरी कोशिश के दौरान विमान अचानक असंतुलित हुआ, तेजी से नीचे आया और रनवे से कुछ दूरी पर जमीन से टकरा गया।
- टक्कर के तुरंत बाद भीषण आग लग गई, जिससे बचाव की कोई संभावना नहीं बची।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विमान गिरते ही तेज धमाका हुआ और कुछ ही सेकंड में आग की ऊंची लपटें उठने लगीं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया:
विमान लैंडिंग मोड में था, लेकिन अचानक उसका नियंत्रण बिगड़ गया। टक्कर के बाद आग इतनी तेजी से फैली कि अंदर मौजूद किसी भी व्यक्ति को निकालना संभव नहीं हो पाया।
विमान में कौन-कौन सवार था
प्रशासन द्वारा जारी प्रारंभिक सूची के अनुसार, विमान में कुल पांच लोग मौजूद थे:
- अजित पवार — महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और NCP नेता
- एक व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी (PSO)
- दो पायलट
- एक फ्लाइट अटेंडेंट
सभी की मौत की आधिकारिक पुष्टि कर दी गई है।
महाराष्ट्र की राजनीति को बड़ा झटका
अजित पवार पिछले कई दशकों से महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों में गिने जाते थे। उन्होंने वित्त, प्रशासन और गठबंधन सरकारों में अहम भूमिका निभाई थी। उनके अचानक निधन से राज्य की राजनीति में शोक की लहर है।
बारामती, पुणे और मुंबई सहित कई इलाकों में समर्थक अस्पतालों और दुर्घटनास्थल के पास जुट गए। कई जगहों पर भावुक दृश्य देखने को मिले, जहां लोग सदमे में नजर आए।
अजित पवार का परिवार — जीवन, रिश्ते और राजनीतिक विरासत
अजित अनंतराव पवार (22 जुलाई 1959 – 28 जनवरी 2026) महाराष्ट्र के प्रतिष्ठित और लंबे समय तक सेवा देने वाले राजनीतिक नेता थे, जिनकी राजनीति में अलग ही पहचान थी। वे एक बड़े राजनीतिक व सामाजिक परिवार से ताल्लुक रखते थे, जिसने दशकों से महाराष्ट्र की राजनीति को आकार दिया है।

पत्नी: सुनेत्रा पवार
- सुनेत्रा पवार अजित पवार की धर्मपत्नी हैं।
- वे स्वयं एक सक्रिय राजनीतिक और सामाजिक हस्ती हैं। वे राज्यसभा सांसद रह चुकी हैं और कई सामाजिक संगठनों से जुड़ी रही हैं।
- सुनेत्रा राजनीतिक परिवार से आती हैं — वे महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री पद्मसिंह बाजीराव पाटिल की बहन हैं।
- सुनेत्रा सार्वजनिक जीवन में महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण और ग्रामीण विकास जैसे मुद्दों पर काम करती रही हैं और अक्सर पति के चुनावी अभियानों में साथ दिखाई देती थीं।
- बेटा: पार्थ पवार
- पार्थ पवार अजित पवार के बड़े बेटे हैं।
- वे राजनीति के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं और 2019 में महाराष्ट्र के मावल संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव में भी चुनाव लड़ा था, हालांकि वह जीत नहीं पाए थे।
- पार्थ पर कुछ समय पहले पुणे के एक विवादित भूमि सौदे को लेकर भी चर्चाएँ रही हैं, जिससे उनकी राजनीतिक छवि पर बहस हुई थी।
- पार्थ को अपने पिता के राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के तौर पर देखा जाता था, खासकर पश्चिमी महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों में उनका प्रभाव बढ़ रहा था।
- बेटा: जय पवार
- जय पवार अजित पवार के छोटे बेटे हैं।
- जय की राजनीति में उतनी सक्रियता नहीं रही, वह आमतौर पर बिजनेस और निजी जीवन से जुड़े रहे हैं।
- उनकी शादी बहरीन में हुई थी, जिसमें पवार परिवार के वरिष्ठ सदस्य भी शामिल हुए थे, और सामाजिक तौर पर यह कार्यक्रम काफी चर्चित रहा था।
- फैमिली बैकग्राउंड और विस्तारित रिश्ते
- अजित पवार शरद पवार के बगल के भाई के बेटे (भतीजे) थे — यानी वे शरद पवार के परिवार के प्रमुख सदस्य थे।
- शरद पवार महाराष्ट्र और राष्ट्रीय राजनीति के जाने-माने चेहरे हैं और लंबे समय तक सरकारी और पार्टी स्तर पर कई अहम पदों पर रहे हैं।
- उनकी चचेरी बहन सुप्रिया सुले हैं, जो बारामती लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुकी हैं।
- भतीजा रोहित पवार महाराष्ट्र विधानसभा का सदस्य है, जो पार्टी की अगली पीढ़ी का चेहरा माना जाता है।
- परिवार में राजनीतिक, सामाजिक और व्यवसायिक शक्तियाँ एक साथ जुड़ी हुई थीं, जिससे पवार परिवार का प्रभाव पश्चिमी महाराष्ट्र, खासकर बारामती में काफी गहरा रहा है।
परिवार की सामाजिक-राजनीतिक भूमिका
पवार परिवार की पहचान सिर्फ चुनावी राजनीति तक सीमित नहीं रही — समाज सेवा, सहकारी आंदोलन, ग्रामीण और कृषि-सम्बंधी मोर्चों पर भी इसका गहरा प्रभाव रहा है। कई दशकों से यह परिवार महाराष्ट्र में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि सहकारिता और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रहा है, और इसके सदस्य स्थानीय जनता के बीच लोकप्रिय और प्रभावशाली रहे हैं।
अजित पवार के निधन के बाद यह परिवार केवल राजनीतिक मैदान ही नहीं बल्कि सामाजिक नेतृत्व की दिशा में भी नजर रखा जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर पर शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि अजित पवार “जनता से जुड़े नेता” थे और उनकी सार्वजनिक सेवा को लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई केंद्रीय नेताओं ने भी संवेदना व्यक्त की है और कुछ वरिष्ठ नेता बारामती पहुंच रहे हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों ने इसे “महाराष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति” बताया है।
फिल्म, खेल और सामाजिक जगत की कई हस्तियों ने भी सोशल मीडिया के जरिए श्रद्धांजलि दी है।
जांच और राहत कार्य
हादसे के तुरंत बाद दमकल, पुलिस और मेडिकल टीमें मौके पर पहुंचीं। क्षेत्र को सील कर दिया गया है और एयरपोर्ट पर अस्थायी रूप से उड़ान संचालन रोक दिया गया है।
DGCA ने विशेषज्ञों की टीम भेजी है, जो:
- फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर
- कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर
- मलबे के तकनीकी हिस्सों
की जांच कर रही है।
प्रारंभिक तौर पर जिन कारणों पर विचार किया जा रहा है, उनमें शामिल हैं:
- तकनीकी खराबी
- लैंडिंग अप्रोच में समस्या
- संभावित यांत्रिक विफलता
हालांकि, अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।
प्रमुख तथ्य एक नज़र में
- तारीख: 28 जनवरी 2026
- समय: सुबह करीब 08:45 बजे
- स्थान: बारामती एयरपोर्ट, पुणे जिला, महाराष्ट्र
- विमान: प्राइवेट चार्टर्ड जेट
- सवार: 5
- स्थिति: सभी की मौत, DGCA जांच जारी
बारामती विमान हादसा: उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत सभी सवारों की मौत — विस्तृत अपडेट
बारामती, पुणे (महाराष्ट्र) — बुधवार सुबह लगभग 08:45 बजे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का चार्टर्ड विमान लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया, जिसमें *उनके साथ सवार सभी (कुल 6) लोगों की मौत हो गई है। इस भीषण हादसे ने राज्य भर में शोक की लहर फैला दी है और सीएम कार्यालय ने तीन दिवसीय राजकीय शोक की घोषणा कर दी है।
(कुछ रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 5 और कुछ में 6 बताई जा रही है; DGCA अंतिम पुष्टि जारी करेगी)
हादसे का क्रम — सविस्तर
- अजित पवार सुबह लगभग 08:10 बजे मुंबई से निजी चार्टर्ड विमान — Learjet 45XR (VSR वेंचर्स ऑपरेटेड) — से बारामती के लिए रवाना हुए थे।
- विमान में वे चार महत्त्वपूर्ण प्रचार सभाओं के लिए जा रहे थे, जो आज बारामती में आयोजित होने वाले थे।
- विमान ने बारामती एयरस्पेस में प्रवेश किया और लैंडिंग की पहली कोशिश की, लेकिन असफल रहने के बाद दूसरी बार लैंडिंग के प्रयास के दौरान नियंत्रण खो दिया गया। प्रारंभिक फ़्लाइट डेटा में यह संकेत मिला है कि विमान ने कम से कम दो बार लैंडिंग ट्राय की।
- लैंडिंग के समय विमान रनवे के पास किसी शेत में कोसला और भीषण आग लग गई, जिससे विमान के अधिकांश हिस्से जलकर खाक हो गए।

कौन-कौन सवार थे — पहचान
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, विमान में निम्नलिखित लोग सवार थे:
- अजित पवार — महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और NCP नेता
- कॅप्टन सुमित कपूर — पायलट
- कॅप्टन शांभवी पाठक — कॉकपिट
- विदिप जाधव — मुंबई PSO (सुरक्षारक्षक)
- पिंकी माळी — फ्लाइट अटेंडेंट
- (किसी रिपोर्ट में कुल 6 सवारों की बात भी सामने आई है)
DGCA की प्रारंभिक पुष्टि के अनुसार किसी भी यात्री का बचना संभव नहीं है; सभी की घटनास्थल पर ही मृत्यु हुई।
हादसे के संभावित कारण
अभी तक जांच का हवाला देते हुए अधिकारियों ने कहा है कि:
- विमान लैंडिंग के दौरान नियंत्रण खो बैठा, जिसके कारण यह रनवे से सटकर शेत में गिरा।
- मौसम साफ़ बताया जा रहा है, और पायलट अनुभवी थे, जिससे तकनीकी वजहों पर गहन जांच जारी है।
- DGCA और विमानन विशेषज्ञ दुर्घटना के विस्तृत कारण — तकनीकी बिघाड़, उपकरणों की स्थिति, और संभव मानव त्रुटि — की जाँच कर रहे हैं।
राजनीतिक तथा सामाजिक प्रतिक्रियाएँ
राजकीय शोक और नेताओं की प्रतिक्रिया
- महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है।
- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि यह “राज्य के लिए एक कठिन दिन” है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव समेत कई केंद्रीय नेताओं ने दुख व्यक्त किया है और शोक संवेदना प्रकट की है।
- उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य समेत अन्य नेताओं ने भी श्रद्धांजलि दी है।
जनमानस और समर्थनकर्ता की प्रतिक्रिया
बारामती और आसपास के इलाकों में समर्थक सदमे में हैं। अस्पतालों और दुर्घटना स्थल पर भारी संख्या में लोग जमा हुए, कई कार्यकर्ता भावुक स्थिति में दिखे। राजकीय और सामाजिक मीडिया पर श्रद्धांजलियों की बाढ़ है, जिसमें फिल्म और मनोरंजन जगत की हस्तियों ने भी संदेश साझा किए हैं।
अंतिम अपडेट
यह घटना न केवल महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा झटका है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी गहरी शोक भावना उत्पन्न कर रही है। जैसे-जैसे DGCA की जांच आगे बढ़ेगी, हम आपको नवीनतम जानकारी और विश्लेषण के साथ अपडेट करेंगे।